शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

राधावल्लभ मन्दिर में भक्ति के संग होली के रँग से सराबोर हुये भक्तजन


वृन्दावन के राधावल्लभ मन्दिर में होली महोत्सव प्रारम्भ हो गया है। मन्दिर में रसिक सन्तों की वाणी और पदों का पारम्परिक शैली में गायन करने वाले समाजियों और गोस्वामियों द्वारा होली के पदों का गायन किया गया। ठाकुरजी की शृङ्गार आरती के बाद गोस्वामियों ने देश-विदेश से आये शृद्धालुओं पर गुलाल की वर्षा की भगवान के प्रसादी गुलाल से सराबोर हुये भक्त आनन्दित होकर जयकारे लगाने लगे। मन्दिर भक्ति और होली के रँग में रँग गया।

राधावल्लभ मन्दिर में ठाकुर जी की शृङ्गार आरती करते हुये गोस्वामी 


राधावल्लभ मन्दिर में शृङ्गार आरती के बाद भक्तों पर गुलाल बरसाया गया 


वृन्दावन के प्रमुख मन्दिरों में से एक राधावल्लभ मन्दिर में समाजी राकेश मुखिया के साथ अन्य समाजियों ने होली के पदों का गायन किया। अपने आराध्य ठाकुर राधावल्लभ लाल के दर्शन के साथ पदों को सुन भक्तजन झूमने लगे। गोस्वामीजनों ने ठाकुरजी को पीले रँग के वस्त्र धारण कराये और मनोहारी शृङ्गार किया। ठाकुरजी के सिंहासन को पीले वस्त्र और सूरजमुखी के पुष्पों से सजाया गया। मन्दिर के मोहित मराल गोस्वामी ने पहले ठाकुरजी की धूप आरती की। इसके कुछ ही समय बाद शृङ्गार आरती की गयी। आरती होते ही ठाकुर राधावल्लभ लाल को सेवित चाँदी के बड़े-बड़े थालों मे रखे लाल, पीले, गुलाबी रँग के गुलाल को गर्भ गृह से ही गोस्वामीजनों द्वारा भक्तों पर वर्षाया गया। भक्ति के साथ होली की उमंग में भक्तजन सुध-बुध खोकर जयकारे लगाने लगे। हर किसी भक्त की यही भावना दिखी की ठाकुरजी का प्रसादी गुलाल उन पर भी पड़े।

भक्ति के साथ-साथ गुलाल में रँगे भक्त 


मन्दिर के गोस्वामी ने बताया कि वसन्त पञ्चमी से राधावल्लभ मन्दिर में 40 दिवसीय होली महोत्सव प्रारम्भ हो जाता है। यह महोत्सव फाल्गुन माह की आंवला एकादशी, जिसे बृज में रँगभरी एकादशी भी कहा जाता है, उसके 5 दिन बाद धुलण्डी के दिन तक मनाया जाता है। इस बीच फुलेरा दौज के दिन ठाकुरजी राधावल्लभ लाल होली खेलने के लिए कमर में फेंटा बांधेंगे। ठाकुरजी के यह विशेष दर्शन वर्ष में केवल एक बार होते हैं। आंवला एकादशी यानि रँगभरी एकादशी के दिन शाम के समय ठाकुर प्रिया-प्रियतम यानि राधाकृष्ण के स्वरूप में बग्घी पर विराजमान होकर नगर में भ्रमण करेंगे। इस सवारी के बाद वृन्दावन के साथ पूरे बृजमण्डल में रँग से होली प्रारम्भ हो जायेगी।

                 मोहित मराल गोस्वामी राधावल्लभ मन्दिर में होने वाले होली उत्सव की जानकारी देते हुये 

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