गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

गोदा हरिदेव दिव्यदेश मन्दिर में 27 फरवरी से 07 मार्च तक मनेगा ब्रह्मोत्सव

भगवान गोदा हरिदेव सोने, चाँदी से जड़ी सवारियों में विराजित होकर करेंगे नगर भ्रमण


वृन्दावन के गोदा हरिदेव दिव्यदेश मन्दिर में 27 फरवरी से 07 मार्च तक ब्रह्मोत्सव  का आयोजन किया जायेगा। इस उत्सव में भगवान गोदा हरिदेव 10 दिन सुबह और शाम विभिन्न चाँदी और सोने की सवारियों में विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे।

गोदा हरिदेव दिव्यदेश मन्दिर, वृन्दावन 


मन्दिर के त्रिदण्डी स्वामी देव नारायणाचार्य ने बताया की प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले 10 दिवसीय ब्रह्मोत्सव के पहले दिन 27 फरवरी को प्रात: 8:30 बजे भगवान गोदा हरिदेव स्वर्ण जड़ित पूर्णकोठी की सवारी पर विराजमान होकर और संध्या के समय स्वर्ण जड़ित सिंह की सवारी पर विराजित होकर नगर भ्रमण कर भक्तों को दर्शन देंगे। 28 फरवरी को प्रात: सूर्य प्रभा और संध्या समय चाँदी से जड़ित हंस की सवारी पर विराजमान होकर भ्रमण करेंगे। 29 फरवरी को प्रात: भगवान गरुणजी और शाम को हनुमानजी की सवारी पर भ्रमण करेंगे। इस यात्रा में ज्ञान गूदड़ी स्थल पर भगवान के विश्राम करने के दौरान मन्दिर के सेवकों द्वारा आतिशबाजी की जायेगी, जिसे छोटी आतिशबाज़ी कहा जाता है। 1 मार्च को भगवान प्रात: चाँदी से जड़ित शेषनाग और संध्या 7:30 बजे से रात्री 10:30 बजे तक कल्प वृक्ष की सवारी में विराजित होंगे। 2 मार्च को प्रात: 7 बजे से मध्याह्न 2 बजे तक चाँदी की पालकी में भगवान नगर के मन्दिरों और कुन्जों में भ्रमण करेंगे और संध्या के समय 7:30 से 10:30 बजे तक सिंह शार्दूल की सवारी करेंगे। 3 मार्च को संध्या समय में 4 से 6 बजे तक काँच के विमान में विराजमान होकर भक्तों के साथ होली खेलेंगे, इसके बाद रात्री में 8:30 से 12 बजे तक हाथी की सवारी पर नगर भ्रमण करेंगे। 4 मार्च को भगवान गोदा हरिदेव रथ सवारी करेंगे, 5 मार्च को संध्या समय 7 से रात्री 10 बजे तक भगवान सोने से जड़ित घोड़े की सवारी करेंगे, इस यात्रा के दौरान ज्ञान गूदड़ी स्थल पर बड़ी आतिशबाजी की जायेगी। 6 मार्च को भगवान प्रात: 7 से 10:30 बजे पालकी में विराजमान होकर यमुना स्नान करने जायेंगे और संध्या समय चाँदी से जड़ित चन्द्रप्रभा की सवारी में भगवान विराजित होंगे भगवान गोदा हरिदेव 7 मार्च को ब्रह्मोत्सव की अन्तिम सवारी में रात्री 11 से 01 बजे तक पुष्पक विमान में नगर भ्रमण करेंगे।

त्रिदण्डी स्वामी देव नारायणाचार्य ने बताया की ब्रह्मोत्सव में भगवान 10 दिन मन्दिर से विभिन्न सवारियों में विराजित होकर चुंगी चौराहा, रंगजी मन्दिर बाजार, गोपिनाथ बाजार से ज्ञान गूदड़ी स्थल होते हुये रंगजी मन्दिर के पूर्वी द्वार के सामने से पुनः हरिदेव दिव्यदेश मन्दिर पहुंचेंगे। यह उत्सव प्रतिवर्ष मनाया जाता है।

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