बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

ठाकुर राधारमण मन्दिर में 3 से 10 मार्च तक मनेगी होली

 ठाकुर राधारमण गर्भ गृह से बाहर चाँदी के सिंहासन पर विराजेंगे


वृन्दावन के प्राचीन सप्त देवालयों में से एक ठाकुर राधारमण मन्दिर में 8 दिवसीय होली 3 मार्च फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से 10 मार्च फाल्गुन पुर्णिमा तक मनायी जायेगी। ठाकुर राधारमण महाराज मन्दिर के गर्भ गृह से बाहर निकलकर जगमोहन से भक्तों को दर्शन देंगे। संध्या के समय मन्दिर में होली के पदों का गायन किया जायेगा। ठाकुरजी का प्रसादी टेसू के फूलों का रँग गोस्वामीजन भक्तों पर बरसायेंगे।

ठाकुर राधारमण जी
मन्दिर के पदमलोचन गोस्वामी ने बताया कि मन्दिर की लगभग 450 साल से अधिक समय से चली आ रही परम्पराओं के अनुरूप होली का त्यौहार मन्दिर में मनाया जायेगा। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि से 8 दिनों तक ठाकुर राधारमणजी मन्दिर के गर्भ गृह से बाहर जगमोहन यानि बरामदे में भगवान चाँदी के सिंहासन पर विराजित होकर भक्तों को दर्शन देंगे। संध्या के समय में भगवान के समक्ष गोस्वामीजन, भक्त और मन्दिर के सेवकों द्वारा होली के पदों का गायन ढप, मृदंग, झाँझ, मँजीरा की धुन के बीच किया जायेगा। टेसू के फूलों से तैयार रँग चाँदी की पिचकारियों से भक्तों पर बरसाया जायेगा। 
धुल्हेंदी के दिन संध्या के समय ठाकुर राधारमण महाराज पुष्पों से सुसज्जित हिंडोला में विराजित होंगे। इस दिन ठाकुरजी का जलेवी का विशेष भोग लगाया जायेगा। धुल्हेंदी से एक दिन पूर्व मन्दिर में चैतन्य महाप्रभु का जन्मोत्सव मनाया जायेगा, जिसमें मन्दिर में विराजित भगवान शालिग्राम का अभिषेक गोस्वामियों द्वारा पंचामृत से किया जायेगा। 

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