गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020

वृन्दावन के सुप्रसिद्ध प्रेम मन्दिर में मना 8वां वार्षिकोत्सव

भगवान के श्री विग्रहों का पंचामृत से अभिषेक हुआ, भक्तों ने फूलों की होली खेली 


वृन्दावन के सुप्रसिद्ध प्रेम मन्दिर का 8वां वार्षिकोत्सव विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के मध्य मनाया गया। मन्दिर में जागरण के पदों का गायन के साथ उत्सव का शुभारम्भ हुआ। शंखध्वनि के मध्य प्रभु राधाकृष्ण और सीताराम के श्री विग्रहों का अभिषेक किया गया। प्रेम मन्दिर में आयोजित इस उत्सव में बड़ी संख्या देशी विदेशी भक्तजन शामिल हुये।

प्रभु राधाकृष्ण के श्रीविग्रह का अभिषेक दर्शन

प्रेम मन्दिर को भक्तों और सेवकों ने गेंदा, गुलाब आदि सुगन्धित फूलों की लरों से सजाया गया। फूलों के तोरण द्वार बनाये गये। मन्दिर के नीचे से शिखर तक विद्युत झालरों से सजाया गया। भोर होते ही मन्दिर में भक्तजनों ने सामूहिक रूप से जागरण के पदों का गायन करके अपने आराध्य को जगाया। इसके पश्चात मंगला आरती की गयी। देश विदेश से आये भक्तों ने प्रभु के मंगला दर्शन करने के साथ ही स्स्वर आराधना की। जगद्गुरू कृपालु परिषत की अध्यक्षाओं डॉ. विशाखा त्रिपाठी, डॉ.श्यामा त्रिपाठी और डॉ. कृष्णा त्रिपाठी के सानिध्य में प्रभु राधाकृष्ण और सीताराम के श्री विग्रह का पंचामृत दूध, दही,शहद,घृत और शक्खर से अभिषेक किया गया। अभिषेक के समय भक्तों ने शंखनाद, ढ़ोल मँजीरे, करताल अनेक वाद्ययन्त्र बजाये। मन्दिर भक्तों की जयकारों की ध्वनि से गुंजायमान हो गया। इसके पश्चात ठाकुरजी का छप्पन तरह के व्यंजनों का भोग लगाकर आरती की गयी। 

पुष्पों से सजे मन्दिर में विराजित भगवान सीताराम

सन्ध्या के समय आरती के बाद प्रेम मन्दिर में फूलों की होली का आयोजन भव्यता के साथ हुआ। होली के पदों और भजनों की धुनों के मध्य भक्तजनों ने नृत्य करते हुये एक दूसरे पर फूल बरसाकर होली खेली। सफेद संगमरमर के प्रेम मन्दिर में रँग बिरँगे फूलों की होली की झाँकी अत्यन्त मनोहारी दिखी। प्रभु राधाकृष्ण और सीताराम की भक्ति में सराबोर देशी विदेशी भक्तजन होली की उमंग में भावविभोर हो गये। हर कोई भक्ति और प्रेम के रँग में नजर आया। होली के उल्लास के बाद रात्रि में भगवान की शयन आरती की गयी। शयन के पदों का गायन कर भक्तों ने अपने आराध्य राधाकृष्ण और सीताराम को शयन कराया।  

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