मंगलवार, 11 फ़रवरी 2020

ग्रहों के सेनापति मंगल ने धनु राशि में किया गोचर


मंगल ग्रह को नव ग्रहों में विशेष दर्जा प्राप्त है, क्योंकि इस ग्रह को नव ग्रहों में सेनापति का पद प्राप्त है। इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि मंगल शक्तिशाली और ऊर्जा प्रदान करने वाला ग्रह है। मंगल की उर्जा से ही मनुष्य के जीवन में गति का सञ्चार होता है और हमारे लिये अच्छा मंगल हमें सभी प्रकार की चुनौतियों से लड़ने में मदद देता है। मंगल ग्रह ने 7 फरवरी की मध्यरात्रि के बाद यानि 8 फरवरी को सुबह 04:14 बजे धनु राशि में प्रवेश किया। मंगल धनु राशि में 21 मार्च तक रहेगा धनु राशि मंगल के मित्र बृहस्पति की राशि है और अग्नि तत्व की राशि है। इस प्रकार एक अग्नि तत्त्व प्रधान ग्रह का प्रवेश अग्नि तत्व प्रधान राशि में हुआ है मंगल के धनु राशि में गोचर होने पर सभी राशि के जातकों पर असर पड़ेगा। 

वृन्दावन के ज्योतिषाचार्य एवं भागवत प्रवक्ता रामविलास चतुर्वेदी ने बताया कि हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार मंगल ग्रह को दक्षिण दिशा का स्वामी भी माना जाता है। यह एक अग्नि तत्व प्रधान लाल ग्रह है तथा मेष और वृश्चिक मंगल की स्वामित्व वाली राशियां हैं।


मंगल के गोचर का राशियों पर प्रभाव - 


मेष -  मंगल मेष राशि का स्वामी होने के साथ कुण्डली में अष्टम भाव का स्वामी भी है और अपने इस गोचर की अवधि में वह आपके नवम भाव में प्रवेश करेगा। इसलिये मेष राशि के जातकों को मिले जुले परिणाम हासिल होंगे। आत्मविश्वास के कारण योजनाओं को आगे बढ़ाने में सफलता मिलेगी और उन से आपको अच्छा आर्थिक लाभ भी होगा। जातक के पिता के लिये यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं रहेगा। पिता का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। भाग्य में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी, इसलिये कुछ कार्य बनते-बनते अटक भी सकते हैं। इस दौरान कुछ लोगों को सुदूर यात्रा या विदेश जाने का मौका मिल सकता है। किसी भी क्षेत्र में किये गये प्रयासों को गति मिलेगी, लेकिन अधिक परिश्रम करना होगा। माता-पिता का स्वास्थ्य खराब होने से चिन्तित रहेंगे। किसी बुजुर्ग की सलाह आपके बहुत काम आयेगी। इस दौरान किसी भी प्रकार के दबाव को खुद पर हावी होने से रोकना होगा।
उपाय -  गाय को रोटी चीनी डालकर खिलायेँ। शुक्रवार को देवी माँ को लाल फूल अर्पित करें।

वृषभ - वृषभ राशि के जातकों के लिये मंगल सातवें और बारहवें भाव के स्वामी होकर आपके अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे। गोचर का यह प्रभाव स्वास्थ्य के लिहाज से अधिक अनुकूल नहीं होगा। उच्च रक्तचाप या अनियमित रक्तचाप, चोट लगना, दुर्घटना या किसी प्रकार का ऑपरेशन हो सकता है। वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतें। इस दौरान आपको धन हानि होने की भी सम्भावनायें बन सकती है। कुछ लोगों को अवांछित तरीकों से धन लाभ भी हो सकता है। कुछ अनचाही यात्राओं पर जाने के योग बनेंगे, जिनसे आपको बचना चाहिये, क्योंकि यात्रायेँ आपको शारीरिक कष्ट के साथ आर्थिक रूप से भी परेशान करेंगी। खर्चों में अचानक से बढ़ोतरी भी हो सकती है। कुछ लोगों को इस दौरान अपने ससुराल पक्ष से किसी भी प्रकार के झगड़े से बचना चाहिये। जातक के जीवनसाथी के स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं रहेगा।
उपाय- हनुमान चालीसा पढ़ें, हनुमानजी को प्रसाद चढ़ायेँ। गाय को गुड़ खिलायेँ।

मिथुन - मंगल देव का गोचर मेष राशि वाले जातकों के सातवें भाव में होगा। इनके गोचर के प्रभाव से व्यापार में अच्छी सफलता प्राप्त होगी और नयी योजनाओं पर भी काम करेंगे। आमदनी में बढ़ोतरी होने की पूरी सम्भावना रहेगी। नौकरीपेशा वाले जातकों को इस दौरान अच्छे परिणाम मिलेंगे और पदोन्नति के योग भी बनेंगे। दाम्पत्य जीवन के लिये यह गोचर अनुकूल नहीं है, क्योंकि सप्तम भाव में मंगल के प्रभाव से जीवनसाथी के व्यवहार में बदलाव आयेगा और मन में उग्रता बढ़ेगी, जिससे दाम्पत्य जीवन में तनाव सकता है। स्वास्थ्य के मामले में परेशानियां सकती हैं। इस दौरान किसी से कर्ज लेने से बचना चाहिये। कामों में अच्छे नतीजे प्राप्त होंगे।
उपाय-  गायत्री मन्त्र का पाठ करें और बन्दरों को गुड़ चने खिलायें।

कर्क - कर्क राशि वालों के लिये मंगल केन्द्र और दसवें और पाँचवें भाव का स्वामी है, इसलिये मंगल योगकारक की अहम भूमिका निभाता है। मंगल के गोचर होने से पुराने किसी ऋण को चुकाने में सफलता मिलेगी। खर्चों में बढ़ोतरी होगी। अपने विरोधियों पर भारी पड़ेंगे। नौकरी में जबरदस्त सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में भी सफलता मिलेगी और यदि  किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो उसमें आपको सफलता मिल सकती है। प्रेम जीवन के लिहाज से भी यह समय महत्वपूर्ण रहेगा और प्रेम जीवन सुखद रहेगा। जातक के पिता को अपने कार्य क्षेत्र में सम्मान मिलेगा और उनकी पदोन्नति हो सकती है। इस दौरान कुछ अनचाही यात्राओं के योग बन सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम होगा।
उपाय - कुत्तों को मीठी रोटी बना कर खिलायें। शुक्रवार को शिवलिंग पर कच्चा दूध, थोड़ी सी चीनी डालकर चढ़ायें, बाद में उसे जल से साफ कर दें।

सिंह -  इस राशि के जातकों के पांचवें भाव में मंगल का गोचर होगा। गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र में बदलाव सकता है। नौकरी को बदलने की कोशश करने पर सफलता मिलेगी और नयी नौकरी बेहतर लाभ के साथ आपको मिलेगी। यदि व्यापार करते हैं तो उसमें भी समुचित लाभ की प्राप्ति होगी। यदि शादीशुदा हैं तो आपको सन्तान को लेकर कुछ समस्यायें हो सकती हैं। सन्तान का स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। यदि विद्यार्थी हैं तो विद्या के क्षेत्र में जल्दबाजी में आप कार्य खराब कर सकते हैं और पढ़ाई में व्यवधान भी सकते हैं। प्रेम जीवन के लिये यह समय मिश्रित परिणाम वाला होगा। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को इस दौरान बेहतर नतीजे हासिल होंगे। भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे रुके हुये कार्य बनेंगे और कहीं अटका हुआ धन भी इस दौरान मिल सकता है।
उपाय - कौओं को दही में रोटी के टुकड़े करके खिलायें। कोढ़ी या अंगहीन को खाना खिलायें।

कन्याकन्या राशि के लोगों के लिये मंगल तीसरे और आठवें भाव का स्वामी होता है और धनु राशि में गोचर के चलते आपके चौथे भाव में प्रवेश करेगा। इस गोचर के परिणाम स्वरूप परिवार में माहौल बदलेगा और लोगों के बीच तालमेल का अभाव देखने को मिल सकता है। माता-पिता का स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिणाम मिलने से मन प्रफुल्लित भी होगा। आप अपने काम को काफी ईमानदारी से करेंगे और जल्दी काम निपटा लेंगे। इस दौरान अचानक से कोई पैतृक सम्पत्ति प्राप्त होने की सम्भावना है। दाम्पत्य जीवन में इस गोचर के प्रभाव से कुछ परेशानियां सकती हैं। यदि आपके जीवनसाथी कोई काम करते हैं, तो इस दौरान उनके कार्यस्थल पर उन्हें सम्मानित किया जा सकता है अथवा उनको पदोन्नति प्राप्त हो सकती है। व्यापार में प्रयास सफल होंगे।
उपाय - गाय को गुड़ खिलायें और मन्दिर में गुड़ और गेहूँ का दान करें।

तुला - तुला राशि के लिये मंगल देव दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हो कर मारक ग्रह भी कहलाते हैं और अपने गोचर की इस अवधि में वे तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के प्रभाव से साहस और पराक्रम में बढ़ोतरी होगी और चुनौतियों को स्वीकार करके उनका सामना करने की प्रवृत्ति जागेगी, जिससे आपको सफलता मिलेगी। प्रयास करने पर सफलता की सीढ़ियां चढ़ेंगे। आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा और आपको कार्यक्षेत्र में भी बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। इस दौरान की गयी कुछ यात्रायें आपको काफी लम्बे समय तक याद रहेंगी। गोचर की इस अवधि में भाई-बहनों को शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। विरोधियों पर हावी रहेंगे और अपने कार्यक्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। सहकर्मियों से आपका व्यवहार खराब हो सकता है। किसी यात्रा पर जाने में आपको धन खर्च करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र को लेकर मेहनत करने का समय रहेगा। अपने मित्र तथा भाई-बहनों की सहायता करेंगे और उन्हें जरूरत पड़ने पर धन भी देंगे।
उपाय - हनुमान चालीसा पढ़ें, हनुमानजी को प्रसाद चढ़ायें। अपने पिता का आदर करें और उनके पैर छुयें।

वृश्चिक - मंगल ग्रह वृश्चिक राशि का स्वामी होने के साथ छठे भाव का स्वामी भी है और मंगल के गोचर होने पर वह दूसरे भाव में प्रवेश कर रहा है। जिससे आपकी वाणी में बदलाव आयेगा। कटु वचन बोल सकते हैं, जिसका असर आपके सम्बन्धों पर पड़ सकता है। परिवार के लोगों में सम्मान कम हो सकता है। धन के मामले में यह समय अनुकूल रहेगा। वाद-विवाद में आपको सफलता मिलेगी और आर्थिक तौर पर लाभ भी होगा। प्रेम जीवन में कुछ समस्यायें उत्पन्न हो सकती हैं। अपने ससुराल पक्ष के लोगों से बेहतर सम्बन्ध बनाये रखने का प्रयास करना चाहिये। इस दौरान आपको वाहन सावधानी से चलाना चाहिये तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना आवश्यक होगा।
उपाय - गाय को रोटी चीनी डालकर खिलायें। शुक्रवार को देवी माँ को लाल फूल अर्पित करें।

धनु - धनु राशि के लिये मंगल ग्रह पांचवें भाव तथा बारहवें भाव का स्वामी है और गोचर की स्थिति में धनु राशि में ही प्रवेश कर रहा है। इसलिये इस गोचर का धनु राशि पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ेगा। व्यक्तित्व में बदलाव आयेंगे। अधिक आत्मविश्वास से अपने कामों को सम्पादित करेंगे। अति आत्मविश्वास का शिकार भी हो सकते हैं। आपके स्वभाव में कड़वापन और गुस्सा बढ़ सकता है, जिसका असर काम के साथ दाम्पत्य जीवन पर भी पड़ सकता है। जीवनसाथी से आपको लड़ाई-झगड़े की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। मंगल का यह गोचर पारिवारिक जीवन में भी तनाव का कारण बन सकता है। किसी से व्यर्थ के वाद-विवाद में ना पड़ें। अपनी विद्या का समुचित लाभ उठाकर अपने कामों को सफल बनायेंगे। इंजीनियरिंग और प्रॉपर्टी के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को इस गोचर में काफी लाभ हो सकता है।
उपाय - कुत्तों को मीठी रोटी बना कर खिलायें शुक्रवार को शिवलिंग पर कच्चा दूध चीनी डालकर चढ़ायें।

मकर -  मकर राशि के लिये मंगल चौथे भाव के साथ ग्यारहवें भाव का स्वामी भी है। मंगल के गोचर से खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होने की सम्भावना बनेगी। परिवार में किसी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। भाई-बहनों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और उन्हें आपके साथ की आवश्यकता होगी। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता अर्जित करेंगे, लेकिन धन अधिक खर्च करना होगा। पति-पत्नी के मध्य तनाव और गुस्सा बढ़ सकता है। विदेश जाने का मौका मिल सकता है। यात्राओं पर जाने के लिये यह समय अनुकूल नहीं रहेगा और यात्राओं के दौरान शारीरिक कष्ट और अत्यधिक खर्च हो सकता है।
उपाय - हनुमान चालीसा पढ़ें, हनुमान जी को प्रसाद चढायें। गाय को गुड़ खिलायें।

कुंभ -  कुम्भ राशि के लिये मंगल तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं और धनु राशि में गोचर होने पर कुम्भ राशि के ग्यारहवें भाव में प्रवेश कर रहे हैं। कार्यों में सफलता मिलेगी। सरकार और राज्य पक्ष से अच्छे सम्बन्ध बनेंगे। धन लाभ मिलेगा। मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। रसूखदार लोगों से मेल-मिलाप बढ़ेगा। कार्य और अधिकारों में वृद्धि हो सकती है। प्रेम जीवन में कुछ समस्यायें सकती हैं। अपने विरोधियों को हराने में सक्षम रहेंगे। व्यापार कर रहे लोगों को भी इस गोचर का अच्छा लाभ मिलेगा और अपने निजी प्रयासों से आपको धन अर्जन करने में सफलता प्राप्त होगी।
उपाय - गाय को गुड़ खिलायें और बन्दरों को गुड़ चने खिलायें।

मीन -  मीन राशि के जातकों के लिये मंगल दूसरे और नवें भाव का स्वामी है। मंगल इस राशि के दसवें भाव में गोचर करेंगे जिससे लाभ मिलेगा। स्थानान्तरण होने पर नये स्थान पर जायेंगे, वह लाभदायक साबित होगा। पदोन्नति और वेतन में वृद्धि हो सकती है। कार्यक्षेत्र में किसी भी प्रकार के अति आत्मविश्वास और विवाद का हिस्सा बनने से बचना होगा। पारिवारिक जीवन में तनावपूर्ण स्थितियां जन्म लेंगी। प्रेम जीवन के लिये भी यह समय ज्यादा अनुकूल नहीं रहेगा। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। पुरानी चली रही बीमारी से मुक्ति मिलेगी। भाग्य के प्रबल होने से जिस काम में भी अपना हाथ डालेंगे, उसमें सफलता मिलेगी।
उपाय - कौओं को रोटी खिलायें। कोढ़ी या विकलांग को खाना खिलायें।




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