गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020

बाबा महाकाल ने उमामहेश के स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिये

उज्जैन के सुप्रसिद्ध महाकालेश्वर मन्दिर में बाबा महाकाल ने उमामहेश के स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिये। भगवान महाकालेश्वर के शृङ्गार दर्शन से पूर्व प्रात: शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा भगवान महाकालेश्वर का अभिषेक एकादश- एकदशनी रुद्र पाठ के साथ किया गया। संध्या के समय महाकालेश्वर महादेव को नवीन वस्त्र धारण कराये गये। साथ ही मेखला यानि कमर में पहनने वाली कौंदनी, दुपट्टा, मुकुट, छत्र, मुण्डमाल और फलों की माला धारण करायी गयी। भगवान महाकालेश्वर के दर्शनों के लिये मन्दिर परिसर में भक्तों का ताँता लगा रहा। हर कोई शिव भक्त महाकालेश्वर के दर्शनों की एक झलक पाने को आतुर दिखा। मन्दिर हर हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो गया।

उमामहेश के स्वरूप में बाबा महाकाल


महा शिवरात्रि पर भगवान महाकालेश्वर का सतत जलधारा से अभिषेक होगा

महाकालेश्वर मन्दिर के शासकीय पुजारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि 21 फरवरी शुक्रवार को महा शिवरात्रि पर्व पर प्रात: भगवान महाकालेश्वर का सतत जलधारा से अभिषेक होगा। मध्याह्न 12 बजे मन्दिर के गर्भगृह में उज्जैन तहसील की ओर से पूजन किया जायेगा। संध्या के समय 4 बजे होल्कर और सिंधिया स्टेट की ओर से महाकालेश्वर महादेव का पूजन किया जायेगा। इसके पश्चात भगवान को पुष्प मुकुट धारण कराया जायेगा। 

शिवरात्रि पर्व पर महाकालेश्वर मन्दिर के गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबन्ध

मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मन्दिर में 21 फरवरी को महा शिवरात्रि पर्व मनाया जायेगा। महा शिवरात्रि पर्व पर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमता से भगवान महाकालेश्वर के दर्शन हो सकें, इसके लिए दर्शनार्थियों के गर्भगृह में प्रवेश करने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है । 
महाकालेश्वर मन्दिर प्रबन्ध समिति के प्रशासक एस.एस. रावत ने बताया की मध्य प्रदेश सरकार के निर्णय के अनुसार उज्जैन के प्रभारी मन्त्री सज्जन सिंह वर्मा ने निर्देश दिये हैं कि महा शिवरात्रि पर्व के दिन महाकालेश्वर मन्दिर के गर्भगृह में प्रवेश निषेध रहेगा। सभी दर्शनार्थी भगवान महाकालेश्वर के दर्शन नन्दीमण्डपम के पीछे गणपतिमण्डपम में लगी बैरिकेटिंग से कर सकेंगे। 

वर्ष में एक बार मध्याह्न में होने वाली भस्म आरती 22 फरवरी को

महाकालेश्वर महादेव मन्दिर में वर्ष में एक बार मध्याह्न के समय भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती महा शिवरात्रि के अगले दिन 22 फरवरी को होगी।  22 फरवरी को प्रात: महाकालेश्वर महादेव को सेहरा चढ़ना प्रारम्भ होगा। प्रात: 6 बजे सेहरा आरती की जायेगी। आरती के पश्चात प्रात:11 बजे सेहरा उतरना प्रारम्भ होगा। मध्याह्न12 बजे भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती की जायेगी। मध्याह्न में की जाने वाली यह विशेष भस्म आरती वर्ष में एक बार होती है। 
  

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