शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

महा शिवरात्रि पर्व पर हर हर महादेव के स्वरों से गुंजायमान हुआ कान्हा का बृज

शिव मन्दिरों में भक्तों का तांता लगा, रात्रि में हुयी 4 प्रहर की महा आरतियां

कान्हा के बृज में महा शिवरात्रि पर्व पर शिवालयों से लेकर बृजवासियों के घरों तक हर हर महादेव की धूम मची है। बृज के चार कोतवाल कहे जाने वाले मथुरा स्थित भूतेश्वर महादेव, वृन्दावन स्थित गोपेश्वर महादेव, गोवर्धन स्थित चकलेश्वर महादेव और कामा में स्थित कामेश्वर महादेव के अलावा बृज के मन्दिरों के महन्त और शिव भक्तों ने भगवान शिव का पूर्ण आस्था के साथ अभिषेक और पूजन किया। भगवान शिव के मन्दिर भोर से ही भक्तों के जयकारों से गूँज उठे। प्रत्येक भक्त भगवान शिव के रँग में रँगा नजर आया। 


                           महा शिवरात्रि पर्व पर सेहरा धारण कर दर्शन देते भूतेश्वर महादेव 

मथुरा के सुप्रसिद्ध भूतेश्वर मन्दिर में महाशिवरात्रि पर्व पर प्रात: से ही सन्त, महन्त, भक्तजन और कांवड़िया काँवड़ लेकर आये वहीं घरों से निकलकर सुहागिन महिलायें जेयर यानि नवीन पात्रों में यमुना जल लेकर बैण्डबाजों के साथ शिवालय पहुँची। भूतभावन भगवान भूतेश्वर महादेव के जयकारों के मध्य पंचामृत दूध, दही, शहद, घृत और शक्खर से अभिषेक किया। इसके पश्चात भक्तों द्वारा भगवान का अभिषेक करने का क्रम शुरू हो गया। गुरुवार प्रात: से चल रहे भगवान भूतेश्वर महादेव के अभिषेक का सिलसिला महा शिवरात्रि शुक्रवार को मध्यान 2 बजे बन्द हुआ। मन्दिर के महन्त श्री डालचन्द गिरि के सानिध्य में सुगन्धित पुष्पों से सजे फूल बंगला के मध्य विराजित भूतेश्वर महादेव का शृङ्गार किया गया। भगवान को वागम्बरी रँग की पोशाक और मस्तक पर सेहरा धारण कराया गया। संध्या के समय 4 बजते ही भूतेश्वर महादेव के पट भक्तों के दर्शन के लिये खुले। भगवान भूतेश्वर महादेव के दर्शन की एक झलक पाने को भक्तजन आतुर दिखे। महादेव के मनोहारी दर्शन कर भक्तजन जयकारे लगाने लगे। संध्या के समय आरती के पश्चात भूतेश्वर मन्दिर द्वारा भगवान शिव की बारात भूतेश्वर क्षेत्र में निकाली गयी। बारात में भक्ति संगीत की धुनों पर भक्तजनों ने जमकर नृत्य किया। रात्रि में शिव भक्तों द्वारा भूतेश्वर मन्दिर में जागरण किया गया। रातभर शिव भक्तों ने भगवान शिव की लीलाओं पर आधारित भजनों का गायन किया। इसी बीच रात्रि के 4 प्रहर की महा आरती की गयी। 


                              महाशिव रात्रि पर गोपेश्वर महादेव का अभिषेक करते भक्तजन

वृन्दावन के गोपेश्वर महादेव मन्दिर में प्रात:मंगला आरती के पश्चात हर हर महादेव के बोल के साथ शिव भक्तों ने पंचामृत, इत्र, यमुना जल, गंगा जल और गन्ना के रस से भगवान गोपेश्वर महादेव का अभिषेक किया।आक और धतूरे के फूल अर्पित किये। भांग का भोग लगाया। इसके साथ ही वृन्दावन के अन्य शिव मन्दिर में हर हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो गये। रातभर गोपेश्वर मन्दिर में जागरण और महा आरतियां की गयी। कावड़िया और जेहर लेकर आने वाली महिला भक्तों ने भी बैंडबाजों के साथ गोपेश्वर मन्दिर आकर महाभिषेक किया। मन्दिर को जाने वाले मार्गों पर भक्तों की जबर्दस्त भीड़ लगी रही। भक्त मन्दिर के बाहर खड़े होकर प्रभु के अभिषेक और पूजन के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा करते दिखे। वृन्दावन के वनखण्डी महादेव, टालेश्वर महादेव, प्रतापेश्वर महादेव सहित अन्य मन्दिरों भी पूजन और दर्शन के लिए भक्तजनों का तांता लगा रहा। गोपेश्वर महादेव के सेवायत गोपाल गोस्वामी ने बताया कि शनिवार दोपहर तक भगवान गोपेश्वर महादेव का अभिषेक होगा। इसके पश्चात शाम 4 बजे से भगवान के शृङ्गार किया जायेगा। 


महा शिवरात्रि पर्व पर चकलेश्वर महादेव के शृङ्गार दर्शन

गोवर्धन स्थित सुप्रसिद्ध चकलेश्वर महादेव मन्दिर में भगवान शिव का बड़ी संख्या में भक्तों ने पूजा अर्चना की। सुदूर क्षेत्रों से आये कावड़ियों ने यमुना जल से भगवान चकलेश्वर महादेव का अभिषेक करके पूजन किया। संध्या के समय मन्दिर के गोस्वामियों और सेवकों ने सुगन्धित पुष्पों का फूल बंगला सजाया। फूल बंगला के मध्य ने विराजमान भगवान चकलेश्वर महादेव का मनोहारी शृङ्गार किया गया। देर रात तक भगवान चकलेश्वर के दर्शनों के लिए भक्तजन मन्दिर मे जमे रहे। 


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