शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

मथुरा में धूमधाम से निकली भगवान शिव की बारात, जमकर नाचे भूत पिशाच

भगवान कृष्ण की लीला भूमि मथुरा में महा शिवरात्रि के पावन पर्व पर जहाँ मन्दिरों में रुद्राभिषेक, पूजा,अर्चना की गयी, वहीं श्री कृष्ण जन्म स्थान से भगवान शिव की बारात धूमधाम के साथ निकाली गयी। भगवान शिव की बारात का भक्तों ने जगह जगह स्वागत किया और भगवान शिव पार्वती के विवाह महोत्सव की खुशी मनायी।

बारात में सजे धजे भगवान शिव
मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्म स्थान में महा शिवरात्रि पर्व पर कृष्ण जन्मभूमि संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने भगवान शिव के स्वरूप का पूजन किया। पूजन के पश्चात श्री कृष्ण जन्म स्थान से धूमधाम के साथ भगवान शिव की बारात ने नगर भ्रमण के लिये प्रस्थान किया। दूल्हे के रूप में सजे-धजे भगवान शिव नन्दी की सवारी पर विराजित थे।

                                 भगवान शिव की बारात में शामिल देवियों के स्वरूप
बारात में सबसे आगे कृष्ण जन्म स्थान का ध्वज लेकर संस्थानकर्मी चल रहे थे। इसके बाद बारात में भगवान विष्णु, ब्रह्म देव के साथ साथ भूत, पिशाच, कीड़े,मकोड़े और विक्षिप्त लोगों के स्वरूप शामिल हुये। डमरू, ढ़ोल, नगाड़े की धुनों पर बारात में शामिल सभी मेहमान और भक्तजन मदमस्त होकर नृत्य कर रहे थे। भगवान शिव की यह बारात मथुरा के श्री कृष्ण जन्म स्थान से चलकर डीग गेट,  मण्डी रामदास, चौक बाजार, स्वामी घाट, छत्ता बाजार, होली गेट, दरेसी रोड, होते हुये पुन: जन्म स्थान आकर सम्पन्न हुयी। इस  बीच जगह जगह भूतभावन भगवान शिव के भक्तों ने आराध्य महादेव और उनकी बारात में शामिल सभी मेहमानों का स्वागत किया।

                                    भगवान शिव की बारात में नृत्य करते गण
महा शिवरात्रि पर भगवान शिव के विवाह महोत्सव के अवसर पर श्री कृष्ण जन्मस्थान को फूलों और विद्युत झालरों से सजाया गया। बड़ी संख्या में भक्तजन श्री कृष्ण जन्म स्थान और भगवान शिव कि बारात कि देखने के लिये पहुँचे। जन्म स्थान पर भक्तों का तांता लगा। भक्तजन भगवान शिव कि बारात देखने के लिये उत्सुक दिखाई दिये।

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