मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020

ठाकुर राधावल्लभ लाल ने कटिबन्ध में फेंटा बान्धकर भक्तों को दिये दर्शन


भक्तों पर गोस्वामियों ने बरसाया श्रीजी का प्रसादी गुलाल  


वृन्दावन के सुप्रसिद्ध राधावल्लभ मन्दिर में फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यानि फुलैरा दूज, जिसे स्थानीय बोली में फुलैरा दौज भी कहा जाता है, को जन-जन के आराध्य ठाकुर राधावल्लभ लाल ने कटिबन्ध यानि कमर में फेंटा बान्धकर भक्तों को दर्शन दिये। इस अवसर पर मन्दिर के गोस्वामियों ने भगवान का प्रसादी गुलाल देश के कोने-कोने से आये श्रद्धालुओं पर बरसाया। प्रसादी गुलाल से सराबोर भक्तजन बृज की होली के उल्लास की मस्ती में होली के रसियाओं का गायन करने लगे। 

ठाकुर राधावल्लभ लाल कटिबन्ध में फेंटा बान्धकर दर्शन देते हुये

राधावल्लभ मन्दिर में फुलैरा दौज पर मनोज गोस्वामी और चन्दन गोस्वामी ने आराध्य राधावल्लभ लाल को श्वेत रँग की पोशाक धारण करायी और ठाकुरजी की कटि यानि कमर में फेंटा बान्धकर मनोहारी शृङ्गार किया। अपने आराध्य के शृङ्गार दर्शन कर देशभर से आये भक्तजनों ने अपने को कृतार्थ किया। मन्दिर के मनोज गोस्वामी ने ठाकुर राधावल्लव लाल की शृङ्गार आरती की। आरती के पश्चात् चाँदी के थालों में कई रँगों का गुलाल ठाकुर राधावल्लभ लाल को सेवित किया गया। इसके पश्चात् ठाकुरजी का प्रसादी गुलाल भक्तों पर बरसाया गया। प्रसादी गुलाल अपने ऊपर पाकर भक्तजन भक्तिरस में सराबोर हो गये और नृत्य करने के साथ होली के गीत गाने लगे। फुलैरा दूज के अवसर पर मन्दिर में गोस्वामियों ने जमकर गुलाल बरसाया तथा भक्तों में ठाकुरजी का प्रसादी गुलाल पाने की होड़ सी मची रही।

                    फुलैरा दौज पर ठाकुर राधावल्लभ लाल के दर्शन करते श्रद्धालु
मन्दिर के चन्दन गोस्वामी ने बताया की फुलैरा दूज से ठाकुर राधावल्लभ लाल होली उत्सव प्रारम्भ करते हैं। आज के दिन से ठाकुर राधावल्लभ लाल के कपोलों पर गुलाल लगाया जाता है। श्रीजी की कटिबन्ध यानि कमर प्रदेश में आज से फेंट बान्धी जाती है। आज के दिन से ही शृङ्गार और सन्ध्या आरती के पश्चात् श्रीजी का प्रसादी गुलाल गोस्वामीजन भक्तों के बीच में जाकर बरसाते हैं। आज के दिन से मन्दिर में श्री जी की समाज होती है। उसमें ढप बजायी जायेगी।






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