बुधवार, 26 फ़रवरी 2020

भगवान महाकाल ने पञ्च मुखारविन्द में भक्तों को दर्शन दिये

उज्जैन के सुप्रसिद्ध महाकालेश्वर मन्दिर में शिव नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक विभिन्न रूपों में दर्शन देने के पश्चात् फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को भगवान महाकाल ने पञ्च मुखारविन्द में भक्तों को दर्शन दिये। वर्ष में एक बार होने वाले भगवान महाकाल के विशेष दर्शन के लिये देशभर से आये श्रद्धालु महाकालेश्वर मन्दिर पहुचें। 

श्री उमामहेश के स्वरूप में भगवान महाकालेश्वर

भगवान महाकाल का प्रात: मन्दिर के पुजारियों ने मन्त्रोच्चारों के मध्य अभिषेक किया। भगवान के नियमित होने वाले दर्शन के बाद निर्धारित समय शाम 5 बजे होने वाला पूजन मन्दिर के पुजारियों द्वारा मध्यान 3 बजे किया गया। पूजन के बाद भगवान महाकालेश्वर का पञ्च स्वरूपों में शृङ्गार किया गया। भगवान ने पञ्च मुखारविन्द स्वरूप में श्री मनमहेश, शिवताण्डव, होल्कर, छबीना और उमामहेश के स्वरूपों में एकसाथ भक्तों को दर्शन दिये। भगवान के नयनाभिराम दर्शन करके शिव भक्तों ने अपने को कृतार्थ किया और मन्दिर भगवान महाकाल के जयकारों से गुंजायमान हो गया। हर भक्त अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिये आतुर दिखा। श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबन्ध समिति के सदस्य और मन्दिर के पुजारी पण्डित आशीष शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि के बाद वर्ष में एक बार ही ऐसा अवसर आता है, जब भगवान महाकाल एकसाथ पाँच मुखौटे में भक्तों को दर्शन देते हैं।
 
शिव नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं ने 36,01,552 रुपये दान किये

महाकालेश्वर मन्दिर में शिव नवरात्रि उत्सव के दौरान देश-विदेश से आये श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन करने के साथ ही दिल खोलकर दान किया। शिव नवरात्रि के दौरान 13 से 23 फरवरी तक मन्दिर के गर्भगृह नन्दी हॉल से रैम्प तक रखी दान पेटियों में श्रद्धालुओं ने 36,01,552 रुपये दान किये।
मन्दिर प्रबन्ध समिति के प्रशासक और अपर कलेक्टर एस एस रावत ने बताया कि 23 फरवरी को मन्दिर की दान पेटियों में 2,60,963 दान राशि प्राप्त हुयी, 14 फरवरी को 5,60,617 रूपये, 15 फरवरी को 3,24,196 रुपये, 17 फरवरी को 4,43,183 रुपये, 18 फरवरी को 3,84,644 रुपये, 19 फरवरी को 3,36,910 रुपये, 20 फरवरी को 3,27,577 रुपये, 23 फरवरी की दानपेटियों में गणना 24 फरवरी को की गयी, जिसमें 9,63,463 दानराशि मन्दिर को प्राप्त हुयी।     

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