सोमवार, 3 फ़रवरी 2020

शनि ग्रह के मकर राशि में गोचर से राशियों पर प्रभाव

शनि ग्रह का गोचर 24 जनवरी को 12:10 पी एम पर धनु राशि से मकर राशि में हुआ शनि ग्रह मकर राशि में आने के साथ ही अपने शुभ ग्रह क्षेत्र को मजबूत करेगा शनि की गति मन्द होती है, जिसके कारण शनि एक राशि पर ढाई वर्ष रहता है। इस गोचर से शनि का अनेक राशियों पर विविध प्रकार का प्रभाव पड़ेगा।

शनि देव 


वृन्दावन के ज्योतिषाचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने बताया की शनि के मकर राशि में आने से देश की राजनीति, पर्यावरण, व्यापार और खाद्यान्न आदि पर बड़ा प्रभाव देखने मिलेगा। शनि निर्णय का स्वामी होने के साथ निडर और नेता भी है। यह ग्रह प्रकृति की धुरी है। इस ग्रह को धन-धान्य, सुख, समृद्धि और राज-वैभव का प्रदाता माना जाता है। शनि की दृष्टि सप्तम, तृतीय और दशम भाव यानि स्थान में होती है। व्यक्ति के जन्म पञ्चाङ्ग के तृतीय स्थान पर शनि की दृष्टि हानिकारक, सप्तम स्थान पर सम और दशम स्थान पर शुभ होती है।


शनि का मकर राशि में गोचर विभिन्न राशियों को किस तरह करेगा प्रभावित -   


मेष - इस राशि के जातकों को शनि की ढैया प्रभावित करेगी। जिसके कारण कार्यक्षेत्र में वृद्धि, व्यापारिक उथल-पुथल, मानसिक अशान्ति और परिश्रम का पूर्ण फल प्राप्त होगा। यदि धार्मिक कार्यों के साथ आगे बढ़ते हैं तो सुख-समृद्धि प्राप्त हो सकती है।

वृषभ - वृषभ राशि वाले जातकों को शनि ग्रह के प्रभाव के कारण बुद्धि के द्वारा लिये गये निर्णयों में सफलता प्राप्त होगी। शिक्षा से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी। सन्तान से अनबन होने का भय बना रहेगा।

मिथुन – मिथुन राशि के जातकों को इस गोचर के फलस्वरूप शनि की ढैया प्रताड़ित करेगा। मिथुन राशि पर राहू भी स्थान लिये हुये है, जो की शारीरिक और मानसिक दोनों ही प्रकार से हानिकारक है। यह समय बड़े उद्योगों में निर्णय लेने के लिये उचित नहीं है शनि का परिवर्तन खाद्यान्न, खनिज और निर्यात से जुड़े लोगों को विशेष लाभ प्रदान करेगा।

कर्क - शनि की दृष्टि कर्क राशि के सप्तम स्थान पर है। शनि इस राशि वाले जातकों के मन को प्रभावित करेगा। आपको जल यात्रा करने से बचना चाहिये। भूमि के क्रय-विक्रय में विशेष लाभ प्राप्त होगा।

सिंह - स्वास्थ्य में विशेष लाभ प्राप्त होगा। आय के नये स्त्रोत बनेंगे। कोई भी निर्णय धैर्य गम्भीरता से लें। सामाजिक कार्यों से जुड़े होने पर उच्च पद प्राप्त होगा।

कन्या - शनि ग्रह का राशि परिवर्तन आपके लिये समृद्धि प्रदान करने वाला है। अचानक रोग, व्याधि से आपको बचना चाहिये खनिज, पैट्रोलियम, कपड़ा और खाद्यान्न के क्षेत्र से जुड़े होने पर व्यक्ति को विशेष लाभ मिलेगा।

तुला - यह गोचर आपको ढाई वर्ष सुख, समृद्धि और वैभव प्रदान करने वाला है। परन्तु आपको कोई भी निर्णय भावुक होकर नहीं लेने चाहिये। दूरगामी निर्णय आपके लिये विशेष लाभप्रद होंगे। मानसिक रोगियों के लिये यह समय अच्छा नहीं है।

वृश्चिक -  शनि का राशि परिवर्तन आपके परिश्रम का पूर्ण फल प्रदान करने वाला है। मकरस्थ शनि विशेष काम करायेगा, फलस्वरुप उच्च पद की प्राप्ति होगी। स्नेहिजनों से मिलना-जुलना होगा। समाजसेवा के द्वारा राजकीय सम्मान प्राप्त होगा। 

धनु - समय ज्यादा लाभ ज्यादा हानि वाला रहेगा। शारीरिक क्षमता में कमी आयेगी, लेकिन व्यापार में श्रेष्ठ फल प्राप्त होगा जब तक आपकी राशि में गुरु स्थित है तब तक निर्णय बड़े ही समझदारी से लेने होंगे। पारिवारिक कलह हो सकता है। 

मकर - शनि की साढ़े साती शुरू हो गयी है। यह समय मध्यम से अच्छा है। न्याय के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त होगी। विवादित कार्यों का निपटारा होगा। आर्थिक लाभ होगा। रुके हुये धन की प्राप्ति हेागी। स्वास्थ्य और निर्णय पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।

कुम्भ - इस गोचर के साथ कुम्भ राशी के जातकों पर शनि की साढ़े साती शुरू हो गयी है। छुटपुट बाधा, मनोबल की कमी और गुप्त शत्रुओं से बचना होगा। अचानक आने वाली समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

मीन - मीन राशि के जातकों के लिये यह वर्ष विशेष लाभप्रद रहेगा। शारीरिक और मानसिक दोनों पक्ष कमजोर है। आर्थिक, व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्रों में लाभ की प्राप्ति होगी।

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