मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020

श्री उदासीन कार्ष्णि आश्रम में हुआ सन्त सम्मेलन

महावन रमणरेती स्थित श्री उदासीन कार्ष्णि आश्रम में गोपाल जयन्ति महोत्सव के अन्तर्गत सन्त सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें बृज मण्डल से आये सन्त, महन्त और महामण्डलेश्वरों ने भगवान की भक्ति के स्वरूप और उनके साधन पर विचार प्रस्तुत किये। 

श्री उदासीन कार्ष्णि आश्रम में आयोजित सन्त सम्मेलन में मंचासीन सन्त, महन्त

सम्मेलन का शुभारम्भ सन्त और देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं ने ठाकुर रमणबिहारी महाराज की आराधना से की। इसके पश्चात सन्त और महन्तों ने विचार प्रस्तुत किये। 

 ... ठाकुर हमरे रमण बिहारी
    हम हैं रमण बिहारी के
    साधु सेवा धर्म हमारा
    काम न दुनियादारी के

मलूक पीठाधीश्वर महन्त राजेन्द्रदास महाराज ने कहा कि कलयुग में भक्ति अतुलनीय है, थोड़े ही साधन से भगवान का नाम स्मरण करने और सेवा करने से बड़े फल की प्राप्ति होती है। गीता मनीषी ज्ञानानन्द महाराज ने कहा कि अपने आराध्य की भक्ति कभी भी किसी रूप में हो सकती है। राम मन्दिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महामण्डलेश्वर गोविन्ददेव गिरि महाराज, स्वामी रामकमल वेदान्ति, स्वामी दिव्यानन्द, स्वामी स्वरूपानन्द, महन्त फूलडोल बिहारीदास महाराज, कार्ष्णि नागेन्द्र दत्त गौड़ आदि सन्त-महन्तों ने ठाकुर रमणबिहारी जी की आराधना और ज्ञान भक्ति के फल पर विचार रखे। यह आयोजन महामण्डलेश्वर कार्ष्णि गुरु शरणानन्द महाराज के सानिध्य में हुआ।
   

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