शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

भगवान महाकालेश्वर ने भस्म आरती के साथ भक्तों को दिये दर्शन

उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मन्दिर में महा शिव रात्रि के दिन शुक्रवार को बाबा महाकाल का सतत जलाभिषेक किया गया। वर्ष में एक बार मध्यान के समय होने वाली भस्म आरती की गयी। भगवान महाकालेश्वर की रात्रि 2:30 बजे भस्म आरती के दर्शन के लिये देश विदेश से आये भक्त उमड़ पड़े। इससे पहले भगवान ने शिव ताण्डव स्वरूप में दर्शन दिये।

 ज्योतिर्लिंग महाकाल मन्दिर में भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती करते पुजारी

महा शिवरात्रि पर्व पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मन्दिर में भोर से भक्तजन उमड़ पड़े। मन्दिर के बाहर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिये भक्तजन लम्बी कतारों में लगकर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। महाकालेश्वर मन्दिर के गर्भ गृह में प्रात: दद्योदन आरती और कुछ समय के पश्चात भोग आरती की गयी। शासकीय पुजारी श्री घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा महाकालेश्वर भगवान का अभिषेक किया गया। मध्यान को उज्जैन तहसील द्वारा पूजन करने के बाद देर रात्रि तक भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक निरन्तर चलता रहा। देर रात 10:30 बजे से मन्दिर के पुजारियों द्वारा भगवान महाकालेश्वर का महा पूयजन प्रारम्भ किया गया। रात्रि 2:30 बजे से बाबा महाकाल के गर्भ गृह के पट खुलते ही भस्म आरती प्रारम्भ हुयी। भक्तों ने दो घण्टे तक चली भस्म आरती के दर्शन किये। इससे पूर्व भगवान महाकालेश्वर महादेव ने शिव ताण्डव स्वरूप में दर्शन दिये। इस शृङ्गार दर्शन में मन्दिर के पुजारियों ने बाबा महाकाल का पूजन करने के बाद उन्हें नवीन वस्त्र धारण कराये। इसके अतिरिक्त  भगवान को मेखलादुपट्टा, कटरा, छत्र, मुण्डमाल और फलों की माला धारण करायी गयी।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें